
अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 आज से ठीक एक साल पहले क्रैश हो गई थी. एक वर्ष का वक्त बीत जाने के बावजूद पीडि़तों परिवारों के आंसू और दर्द जस के तस बना हुआ है. आलम यह है कि इंसाफ और पारदर्शिता की मांग को लेकर पीडि़त परिवारों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दरवाजा खटखटाना पड़ा है. पीडि़त परिवारों ने प्रधानमंत्री कार्यालय से गुहार लगाई है कि ब्लैक बॉक्स सहित सभी टेक्निकल डाटा को सार्वजनिक किया जाए, जिससे हादसे का असल सच सबके सामने आ सके.
वहीं, एयर इंडिया की तरफ से मुआवजे के बदले थमाए जा रहे ‘वेवर क्लॉज’ को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. इस वेवर क्लॉज ने पीड़ित परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है. वैश्विक स्तर पर देखें तो बीते एक साल में बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के सेफ्टी रिकॉर्ड और उसकी वायरिंग क्वालिटी को लेकर अमेरिकी कांग्रेस से लेकर इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) तक में नई बहस छिड़ गई है. वहीं, अब एविएशन एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) कल अपनी अंतिम रिपोर्ट जारी करने की तैयारी में है.
अब देखना यह है कि बीते एक साल में हादसों को लेकर लगातार बदल रही थ्योरियों के बीच एएआईबी कौन सा नया सच लेकर बाहर आता है. साथ ही, हादसे का शिकार हुए दोनों पायलटों के परिवार और जान गंवाने वाले पैसेंजर्स के परिजन इस रिपोर्ट से कितना संतुष्ट होते हैं.
